Sanjeev Kumar blogs
Friday, 12 February 2016
हर तमन्ना को अलविदा कह डाला
हर तमन्ना को अलविदा कह डाला
एक तुमको , पाने के सिवा,
जान तो कब की निकल चुकी प्रभु
बस एक प्राण निकने के सिवा,
हर नफ़स तेरी आहट में कटता है गुरुदेव ,
जिन्दगी में कुछ भी नही शेष, बस तेरे यादों के सिवा |
हमारा कही ठिकाना नही , बस एक तेरे चरणो के सिवा |
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