Monday, 7 March 2016

बस आप आए और सहर हो गइ |

बड़ी हसरतों से रात में सजाए थे सपने
बस आप आए और सहर हो गइ |
अपनी सुरत भी, अब याद नही संजु
दिलो दिमाग पे जो छाइ है तशवीर यार की ||
(संजीव)


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