परम दिव्य तत्व , अवतारी महापुरूषों में सर्वश्रेष्ठ श्री कृपालु जी महाप्रभु द्वारा श्री राधाकृष्ण की निष्काम भक्ति में रूचि इस युग में केवल उन्हीं सौभाग्यशाली जीवों को है जो अपने पुर्व जन्मों में परम तत्व श्री राधाकृष्ण की भक्ति की है तथा भगवान श्री कृष्ण के परमगुप्त,अद्वितीय,अनुपम , अलौकिक अति दुर्लभ प्रेम रस को प्राप्त करने के लिए लालायित हुए थे और हैं ।
श्री राधाकृष्ण के अनुपम , अपरिमेय , अद्भुत, अतुलनीय, अलौकिक, दुर्लभ भक्तिरस के प्रति आकर्षित जीव ही केवल श्री कृपालु जी महाप्रभु को अपना गुरू मानते हैं और आने वाले समय में मानेंगे भी तथा उनके प्रति अनन्य, दृढ़ श्रद्धावान, आस्थावान तथा संकल्पित है तथा होंगे ।
श्री कृपालु जी महाप्रभु जैसे महानतम अवतारी संत के प्रति जिज्ञासु, पिपासु श्रद्धावान, निष्ठावान, अनन्य तथा समर्पित जीवों के सौभाग्य की सराहना करना स्वर्ग के देवी देवताओं तथा सरस्वती एवं बृहस्पति के लिए भी कठीन है ।
अति धन्य हैं वो जीव जो श्री महाराज जी का अनन्य अनुगामी होकर श्री राधाकृष्ण की निष्काम भक्ति करते हैं ।
मैं संजीव कुमार एक क्षूद्र सा अधम एवं पतित जीव , हमारे गुरूदेव श्री कृपालु जी महाराज के सभी अनुयायियों एवं निष्काम सेवकों के श्री चरणों में मन ही मन नित्य प्रति अपना मस्तक नवाकर स्वयं को धन्य समझता हूं । जय जय श्री राधे , जय जय श्री कृपालु महाप्रभु की जय जय जय, जय जय श्री महाराज जी के साधक समुदाय की जय ।। :- संजीव कुमार ।
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