Saturday, 2 January 2021

परलोक कब बनेगा । जीवन सदा के लिए सुखी कैसे होगा ?

एक फ़कीर नदी के किनारे बैठा था किसी ने पूछा बाबा क्या कर रहे हो? फ़कीर ने कहा इंतज़ार कर रहा हूँ की पूरी नदी बह जाएं तो फिर पार करूँ।उस व्यक्ति ने कहा कैसी बात करते हो बाबा पूरा जल बहने के इंतज़ार मे तो तुम कभी नदी पार ही नही कर पाओगे।

फ़कीर ने कहा यही तो मै तुम लोगो को समझाना चाहता हूँ की तुम लोग जो सदा यह कहते रहते हो की एक बार जीवन की ज़िम्मेदारियाँ पूरी हो जाये तो हरि गुरू सेवा, रूपध्यान संकिर्तन ,सत्संग शुरू करेंगे;
जैसे नदी का जल खत्म नही होगा, हमको इस जल से ही पार जाने का रास्ता बनाना है इस प्रकार याद रखो जीवन खत्म हो जायेगा पर जीवन के काम खत्म नही होंगे इन कार्यो , जिम्मेदारियों के बीच मे से ही आगे की तैयारी यानि हरि गुरू सेवा, रूपध्यान संकिर्तन ,सत्संग का मार्ग बनाना है ,जिससे परलोक बनेगा , गोलोक मिलेगा , परमानंद की प्राप्ति होगी , सदा के लिए सुखी हो जायेंगें ।
               श्री राधे ।।

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