Sunday, 14 December 2025

दो शब्द हमारे देश के युवाओं से , बच्चों से

दो शब्द हमारे देश के युवाओं से , बच्चों से :- 

पैसे के पीछे हमे नही भागना चाहिए | हमें स्वयं में मानवता के गुणों के विकास पर जोर देना चाहिए | जब गुण विकसित होंगे , तब पैसा हमारे पीछे भागेगी | अगर हम पैसे के पिछे भागेंगें तो पैसा हमसे दुर भागेगी | यह नियम है संसार का । 
 हमे केवल अपने सर्किल औफ इंफुलेंस पर ध्यान देना चाहिए , सर्किल औफ कंसंर्न तो कंसंर्न हीं था और रहेगा | 
पहले पता करो की किस उदेश्य के लिए तुम्हारा जन्म हुआ हैं | क्योंकि विना कारण और उदेश्य का एक पत्ता भी पेड़ से नही गिरता हैं | फिर तुम तो ईश्वर की सर्वश्रेष्ट रचना हो | 
हम क्या अच्छा काम करते हैं यह जरुरी है | हम बदले में क्या पाते हैं यह जरुरी नही | हम क्या समाज को राष्ट्र को देते है यह आवश्यक है | समाज हमे क्या देता है | गाली या सम्मान यह महत्वपूर्ण नही | 
सारे अच्छे काम करो और प्रभु को समर्पित कर दो , क्रेडिट अपने को नही प्रभु को दो , गुरु को दो , कहो हर रात में सोते समय की हे गुरु देव जो भी मैने अच्छा काम किया वो आपकी मेहरवानी से किया | और जो भी बुरा किया मेरी नादानी थी | आप हमें इतनी शक्ति दिजिए की कल कोई बुरा काम हमसे ना हों |
समय की धारा में अपने आपको मत बहाओ , वल्कि समय का भरपुर उपयोग करो , दुरुप्योग नही | 
भगवान ने केवल एक चीज ही सबको समान रुप से दी है वो है समय , भगवान ने 24 घण्टे सब को बराबर दिया है | इसका जो भी जितना सदुप्योग किया है वह सफल हैं | 
उपलब्धि कुछ हांसिल करने में नही हैं | उपलब्धि प्राप्त कर बांटने में हैं | अपने लिय तो हर जीव जी लेता हैं पर दुसरो के लिए जीना हीं सच्ची उपलब्धि हैं | संतोष तब मिलेगा | और जब संतोष मिलेगा तब जीवन सार्थक होगा | 
दुसरे को दिखाने के लिय मत करो | हमको करना है बस इसलिये करों |
 किसी की आलोचना मत करो , आलोचना करने का अधिकार सिर्फ उसी को है जो पूर्णत: निर्दोष और ज्ञानवान हो | आलोचक बनने से पहले योग्य बनों । आलोचित या आलोच्य से ऊपर उठो और उपर पहुंचो ज्ञान में , बुद्धि में, विवेक में , यश में , प्रतिष्ठा में , पद में , और धर्म कर्म में । 
चरित्रवान बनने पर जोर दो | 
अपने जन्म के उदेश्य को जिस क्षण समझ जाओगे आधी सफलता तुम्हे मिल जाऐगी | बाकीं तुम कर्म करके सफल हो जाओगे |
परिक्षा में मार्क्स लाने के लिए मत पढ़ो , मुझे अच्छी तरह रुची से पढना है इसलिए पढों , मार्क्स तो आउट कम है | वो तो अच्छा आएगा ही | :- तुम्हारा संजीव कुमार 

Don't go behind money . Develop your quality, than money will automatically follow you . If you will run behind the money than money will be always far from you. And use your money for humanity . Don't misuse your money . Otherwise one day you will be in trouble. 
Always focus on your circle of influence don't go behind circle of concern .  
Select your careers as per your choice because every youth is made for some deeds . Always trust on yourself than other will trust on you . Be with truth always.
 . You will get sustainable success . No body will brake your record. :- Your sanjeev

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