Showing posts with label परामनोवैज्ञानिक घटना. Show all posts
Showing posts with label परामनोवैज्ञानिक घटना. Show all posts

Saturday, 21 November 2020

परामनोवैज्ञानिक शक्ति और घटना पर मेरा अपना अनुभव । :- संजीव

यह मेरा पोस्ट एक संसारिक पोस्ट है । परामनोवैज्ञानिक शक्ति और घटना पर अपना अनुभव है । 
इसमें मैं स्वप्नो के बारे में कुछ बात करूंगा न चाहते हुए भी मुझे करना पर रहा है,‌और अपना सैकड़ों ऐसे स्वप्नो में से कुछ का संक्षिप्त चर्चा भी करूंगा जिसका किसी भी चिंतन से कोई लेना देना न‌हीं , पर स्वप्न देखा और तुरंत सच भी हुआ और उसका प्रमाण भी मेरे घर परिवार , समाज और मित्र बन्धु भी है जो जानते हैं अच्छी तरह से  । क्योंकि घटना से पहले मैं बतला देता हुं ।‌
 मैं भी साईक्लोजी औनर्स का स्टुडेंट रहा हुं और यह मेरा भी बहुत फेवरेट सब्जेक्ट रहा है । 
तो विज्ञान भी कहता है साबित भी किया है  कि जब चेतन मन सो जाता है तब हमारा अचेतन मन काम करता रहता है और जब अचेतन मन काम करता रहता है तो हम स्वप्न देखतें हैं , सभी मनुष्य देखते हैं । और जब अचेतन मन भी सो जाता है तो स्वप्न दिखना भी बंद हो जाते हैं और इस हालात में शरीर का फंक्शन अवचेतन मन संभालता है ।
अब जिस व्यक्ति का ब्रेन सेंसेटिव होता है इस मामले में उसको स्वप्न याद भी रहता है । 
हां , मानसिक रूप से कुछ कमजोर व्यक्ति या बिमार हालत या भय के हालात  में भी, मनुष्य उलुल जूलूल सपने देखते हैं वेसिर पैर के । इसका कोई मतलव या संसार से लेना देना नहीं होता । और ना कभी भी होता है ।

पर इसका मतलव यह नहीं की सब स्वप्न् झूठे होते़ हैं । बहुत से स्वप्न पूर्णरूप से विल्कूल स्पष्ट होतें हैं और आगे के घटना का पुर्व स्पष्ट दर्शन तो कुछ स्वप्न सांकेतिक होते हैं । 
इस प्रकार  स्वस्थ अवस्था में शांत वातावरण में ,शुद्ध और साफ विस्तर पर सोया व्यक्ति जब कोई स्वप्न देखता है तो उसका मतलव और संबंध हमारे जीवन और भविष्य से , वर्तमान से अवश्य होता है दैनिक जीवन में भी  । धर्म शास्त्रों में भी अनेकों  प्रमाण है इस बात का  और बहुत से प्रसिद्ध लोगों ने भी अपने सपने में कई बार जो देखा है वो सही हुआ है।
स्वप्न का संबंध चिंतन पर भी निर्भर है पर सभी नहीं ।‌कुछ सपने व्यक्ति के संरक्षक उसका स्पिरिट गाईड  आकर पहले दे देता है घटना से पहले ।( स्पीरिट गाईड आपका गुरू भी हो सकता है  और दुसरा भी, जो उन्हीं के द्वारा नियुक्त कोई दिव्यात्मा होता है आपके जन्म से हीं , मैं प्रमाण दुंगा इस पर एक फेमस व्यक्ति का विडियो लिंक भी डालुंगा आगे )

जिस व्यक्ति का 6 th sance ज्यादा सक्रिए होता है जन्म से हीं‌ , उसको बहुत से घटना स्वप्न में , या जागते हुए पुर्वाभास के द्वारा या अपने स्पिरिट गाईड के सहयोग से हो जाता है ।
सभी का चर्चा तो नहीं कर सकता लेकिन अपने सैकड़ों अनुभवों में से कुछ सुनाता हुं संक्षिप्त में ।

साल 2002, 18 नवंबर, रात एक बजे मेरा स्पीरिट सपने ( मैं अपने स्पीरिट को जानता हुं, वो कौन है ! पर खुलासा नहीं कर सकता ) में आकर मुझे बता दिया कि कल के यात्रा के दौडान मेरे साथ भीषण दुर्घटना होगी , जिसमें मेरे शरीर का कोई हड्डी टुटेगा । 
प्रमाण - पहला प्रमाण मेरी पत्नी , जिसको उस स्वप्न के बाद निंद से  उठा कर मैंने बोला कि कल मेरे साथ ऐसा होने बाला है ।
फिर सुबह मैं छ: बजे का ट्रेन , जिसमें एसी में रिज़र्वेशन था मुजफ्फरपुर से बेगुसराय के लिए ड्युटी पर जाना था मुझे   , को छोड़ दिया । जबकि जौब के कारण ज्यादातर मुझे टुर में ही रहना परता है ।
दुसरा प्रमाण मेरे माता पिता‌ जिनको बतला दिया था मैं उसी सुबह , उनको मैंने बतलाय की आज मैं नहीं जाऊंगा टूर पर , मैंने ऐसा संकेत पाया है । 

तीसरा प्रमाण - मेरे पत्नी के मुह बोले और मेरे भी अति प्रिय भाई , मेरे बिनय भईया ,  मैनेजर -सेंट्रल बैंक , जो मां बगलामुखी का बहुत बड़ा भक्त हैं और दैवी शक्तियों से युक्त है , वो आ गय उसी समय‌ सुबह मेरे घर पर अचानक बिना किसी कारण , वो मुझे गले से लगा लिए वो‌‌ भी अनायास , उनको भी मैंने कहा की आज ऐसा हुआ है और मै नहीं जा रहा हुं  अपने एक खास मिटिंग में ।

चौथा प्रमाण मेरा बौस , पटना में । जिनको मैं फोन पर सुचना दिया कि मैं नहीं जा रहा हुं मिटिंग में बेगुसराय ,आज छुट्टी पर हुं क्यूंकि मुझे सपने में ऐसा संकेत मिला है  ।
 अब वो मेरा मजाक ऊड़ाने लगे की क्या आप इतना पढ़ें लिखे होकर इन बातों में आ गए । आप ट्रेन तो छोड़ दिया अबध आसाम पर आप बस पकड़िए और अभी भी चले जाइए बहुत जरुरी मिटिंग कंडक्ट करना आपको ।

अब जो होना रहता है वो काल तो घटना स्थल पर बुला ही लेता है । मैं दस बजे बस पकड़ा और चल दिया । 
अब बस तो मैं नहीं चला रहा था कि कोई कह दे कि मैं साईक्लोजिकली ऊस अवस्था में था और खुद के मानसिक स्थिति के कारण दुर्घटना हो गया ।
और ना गाड़ी का ड्राईबर जानता था कि  पैसेंजर के साथ यह होने वाला है या गाड़ी का दुर्घटना होने वाला है ? 

गाड़ी दो सौ किलोमिटर जाने के बाद बरौनी‌ से बेगुसराय जब 15 किलोमीटर बचा था , तब जबदस्त रूप से आमने सामने टकड़ा गया ट्रक से और 15 के लगभग लोग घटना स्थल पर मारे गए एवं मेरे बाएं जांघ की हड्डी टुट‌ गया  । चेहरा पर गहरा जख्म भी हो गया चोट के कारण ,  मुझे होश आया तो  होस्पीटल में पाया खुद को , यह घटना ठिक उसी तरह हुआ जैसे सपने में देखा था और जिसका जिक्र कर दिया था सबसे । 


अब दूसरी घटना । 
मेरे पिता जी जो बीस दिन पहले मुजफ्फरपुर में अस्पताल से घर लगभग स्वस्थ  होकर लौट चुके थे ।
मैं रांची आ गया था ।‌
कुछ दिन बाद मेरा वही स्प्रिटगाईड आकर सपने में रात दो बजे खड़ा होकर बोल दिया कि कल दो बजे तुम्हारे पिता इस दुनिया को छोड़ देंगे इसलिए लकड़ी और दाह संस्कार का व्यवस्था करो । मैं अपने पत्नी को बतलाया और मंदिर गया । वहां मेरे पत्नी के हांथ से मोबाईल छुट कर गिर गया निचे फर्श पर और सीसा टुट गया प्रार्थना के दरम्यान और ठीक 2 बजकर 15 मिनट दोपहर को घर‌ से खबर आ गया उनके डेथ का । आप सोचेंगे कि चिंतन हो रहा होगा । नहीं क्यूंकि जब अस्वस्थ थे तब चिंतन नहीं हुआ और जब ठीक हो गए थे बीस दिन बाद और ठीकएक दिन पहले उनके देहांत का सही सही समय और दिन का ही चिंतन क्यूं होगा भला???? 

तीसरी घटना - मैं बचपन से अपने दादा दादी से बहुत प्यार करता था । 
1994 में मैं रात को स्वप्न देखा,  वही‌ मेरा  स्पिरिटगाईड मुझे संकेत दे दिया की कल रात को मेरे दादा जी का प्राण सोते समय हीं रात को चला जाएगा । न कोई विमारी न कुछ दुर्घटना फिर ऐसा संकेत ठीक एक दिन पहले ???
मैं उस दिन सितामढ़ी में ड्युटी करके अपने पत्नी को सब बतलाकर अस्थाई निवास से  अपने मुल घर आ गया और रात को दादा जी के साथ सोया ।‌ सुबह चार बजे उनका प्राण निकलते अपने आंखों से मैंने और सबने देखा ।

तीसरा ऐसा हीं घटना दादी के लिए देखा दोपहर को और मैं उनके पास आधे घंटे में पहुंच गया और उनका भी उसी तरह प्राण निकलते देखा हुं । और सब जानते हैं क्योंकि मैं यह बात पहले बतला देता था सबको की ऐसा होने वाला है ।

मैंने अपने कुछ मित्र के लिए भी स्वप्न देखा और उसको पहले हीं सचेत कर दिया की बार , अच्छा या बुरा होने से । या अच्छा , बहुत अच्छा होने बाला से भी इतने दिनों के बाद उसके साथ और वही हुआ जो बोला था मैने ।

लगभग पांच सौ‌ से अधिक घटना है , सबका जिक्र करना संभव नहीं ।  मैं अपने जान-पहचान बाले के माता पिता को बोल दिया कि इतने उम्र में यह करोड़ पति बनेगा , अभी आरर्थिक संकट से गुजर रहा है पर अपने छोटा सा बिजिनेस करके यह बड़ा बनेगा इस ऊम्र में, आप चिंता ना करें । फिर वही हुआ उसके साथ जो मेरी भविष्यवाणी थी  ।
एक व्यक्ति  को बहुत कर्ज था , उसके पिता मुझसे बोले की मैं जब इस दुनिया से जाऊंगा तो अपने इकलौते बेटे को कर्ज के बोझ तले दबा कर जाऊंगा संजीव जी ऐसा लगता है ।

ठीक उसी समय उनका बेटा मेरे सामने आया और मेरा स्पिरिट गाईड उसी समय मुझे बोल गया कि इसको बोल दो इनका बेटा इतने उम्र में बिजिनेस संभालेगा और इन इन सालों में आपके रहते आपका सारा कर्ज हीं नहीं उतारेगा वल्कि बहुत प्रोपर्टी भी खडिदेगा । और वहीं हुआ जो मैंने बोला था ।

इस‌ प्रकार यह सब मेरे चाहने से नहीं होता है कि मैं जब चाहुं अपने स्प्रिट को बुला लुं और वो बतला दे किसी के बारे में और अपने खुद के बारे में भी मुझे । वो अपने आप होता है । कब हो जाए पता नहीं । कब बता दें मुझे किसके बारे में पता नहीं ।
यह सब मैं छोड़ दिया सात साल पहले लोगों को बतलाना । लोग परेशान करते थे मुझे । मैं जौब में डिस्टर्भ हो जाता था ।
मानसिक दबाव परता था बहुत । यहां तक की मेरे कंपनी के लोग भी लाभ लिए है और अच्छी तरह जानतें हैं  । मेरे सहकर्मी के रिस्तेदार जो अनजान थे मेरे लिए उनके लिए उनके अपने रिस्तेदार के लिए भी, जिनको मैं देखा तक नहीं कभी उनके लिए भी मेरा स्पिरिट मुझे बतला देता था । और मैं जो कहता,  वो 100% सही हुआ उनके लिए । 
पर मैं अब यह बंद कर दिया । अब जानने के बाद भी दूसरे को नहीं बतलाता । । और जब कोई पुछे और मैं बतला हीं दुं यह भी संभव नहीं है । यह एक स्वभाविक क्रिया है । 
मैं अब किसी को नहीं बतलाता पिछले सात साल से ।

तो हर स्वप्न झूठे नहीं होते । और चिंतन पर डिपेंड नहीं होता । यह एक परामनौवैज्ञानिक घटना और वल है । जिसको और विकसित किया जा सकता है । किसी किसी में यह गुण जन्मजात होता है जैसे कुछ मुझमें हैं पर इसको मैं अपने जीवन का आधार नहीं बनाया कभी । पर यह शक्ति और मेरा स्प्रिटगाईड अब भी है मेरे साथ। वो समाप्त नहीं होता कभी ।