पल पल तेरी याद मे रोती है ये मेरी अखियाँ
हरवक्त तेरे दिदार को तरसती ये मेरी अखियाँ
हर पल तेरे इंतजार मे तरपती ये मेरी अखियाँ
अब तो आकर एक झलक दिखा दो मोहन
फिर एक हो जाएगी मेरी अखियाँ तेरी अखियाँ
फिर न कोइ कहे ये मेरी अखियाँ की तेरी अखियाँ
मेरी अखियाँ तेरी अखियाँ:- संजीव
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