Thursday, 19 November 2020

ईश्वर की मर्जी हमारे लिए शुभदायक है ।।

ईश्वर कि मर्जी पर रहे खुश –

एक बच्चा अपनी माँ के साथ खरिदारी करने एक दुकान पर गया तो दुकानदार ने उसका मासूम चेहरा देख कर टौफियो का डब्बा खोला और उसके आगे करके कहा , लो जितनी चाहे टौफियाँ ले लो |’

लेकिन उस बच्चे ने उसे बेहद शालीनता से मना कर दिया | दुकानदार ने दुबारा कहा लेकिन बच्चे ने खुद टौफिया नहीं ली | बच्चे कि माँ ने बच्चे को टौफियाँ ले लेने के लिए कहा | लेकिन बच्चे ने खुद टौफिया लेने के बजाए दुकानदार के आगे हाथ फैला दिया और कहा,’आप खुद ही देदो अंकल|’ दुकानदार ने टफिया निकलकर उसे देदी तो बच्चे ने दोनों जेंबो में डाल ली | वापस आते वक्त उसकी माँ ने पुछा की ‘जब दुकानदार ने डब्बा आगे किया तब टॉफी क्यों नहीं ली और उन्होंने खुद निकलकर दी तब ले ली ? इसका क्या मतलब ?’ बच्चे ने बड़े मासूमियत से जवाब दिया कि ‘माँ मेरे हाथ छोटे हैं खुद निकलता तो एक या दो टौफियाँ आती |

अंकल के हाथ बड़े थे, उन्होंने खुद निकाल कर दी तो देखो कितनी सारी मिल गई’ |

ठीक इसी तरह हमें उस ईश्वर कि मर्जी में खुश रहना चाहिए | कुछ नही मांगना चाहिए ,

क्या पता वह किसी दिन हमें पूरा आनन्द का सागर - परमानन्द देना चाहता हो और हम अज्ञानतावश बस एक चम्मच लिए वो भी मायिक वस्तु के लिए ही खड़े हो |

:- Sanjeev kumar ( My blog story )

 

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