Friday, 20 November 2020

तेरा हर फैसला‌ मंजूर है , कबुल है ।।

किस्मत है वो हमारी जो तेरा फैंसला है,
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है,

होता वही है जो तुम चाहते हो , 
तो जो तुम चाहते हो उसी को मैं भला क्यूं न चाहुँ ?
 तुम तो हो भगवन , मां बाप एक हमारे ,  
तुम अपने बच्चे का भला हीं चाहते हो
 करते हो भला हमेशा ,अपनी बुद्धि क्यों लगाऊं ?
तुमसे अलग ऐ हमदम चाहत मैं क्यों सजाऊँ ? 
खुद की चाह और चिंता दोनो को बंद करके,
भजता हुं सिर्फ तुमको , मैं औरों को कैसे चाहुं ?

हाथो को दुआ की खातिर मैं उठाऊंँ कैसे ,
सजदे में तेरे आकर सर को झुकाएं कैसे,
मजबूरियांँ हमारी बस तू ही जानता है ,
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है,

रो कर कटे या हंस कर, कटती है जिंदगानी,
तू गम दे, या ख़ुशी दे सब तेरी मेहेरबानी,
तेरी ख़ुशी समझ कर सब गम भुला दिया है,
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है 
किस्मत है वो हमारी जो तेरा फैंसला है, 
करो हर फैसले तुम , वो मेरे लिए सही है,
राजी है हम उसी में जिसमें तेरी रजा है ।।

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