Saturday, 20 March 2021

इस देश से बुराई कैसे समाप्त होगी ?

एक क्वीज प्रोग्राम में मुझसे पुछे गए प्रश्नो का मेरा उत्तर।

पहला प्रश्न - इस देश से बुराई कैसे समाप्त होगी ?

उत्तर- हरेक व्यक्ति जिस दिन से यह रियलाइज कर लेगा , मान लेगा कि हम शरीर नहीं 'आत्मा' हैं और हमारे ह्रदय में ' मैं ' यानि आत्मा और परमात्मा यानि भगवान एक साथ सायुज्यसखा के रूप में निवास करतें हैं एवं हमारे मन में उठे प्रत्येक छण के प्रत्येक संकल्पों को प्रतिक्षण नोट करतें हैं तथा ( सोंचें गलत और पाप हो गया ) उसी का फल प्रदान करतें हैं उस दिन से हम गलत सोचना छोड़ देंगें , किसी का भी बुरा करने कि तो छोड़ , सोचना भी बंद कर देंगें।

उसी दिन से देश में बुराई अपने अाप समाप्त हो जाएगी ।

हमारी आत्मा एक दिव्य ईनर्जी है यह ईनर्जी भगवान यानी पावर हाउस भगवान श्री कृष्ण के जीवशक्ति का अंश हैं ।

भगवान कर्म को नोट नहीं करतें ,‌वो कर्म से पहले मन में उठे संकल्पों को हीं नोट करतें हैं और उसी का फल प्रदान करतें हैं ।

नहीं तो लंगरा , लूला , अंधा कहता भगवान से कि मैं तो कर्म नहीं कर सकता क्यूंकि मेरे तो हाथ पैर नहीं हैं !

अरे हांथ पैर नहीं , मन तो है ना अब मन सोचता है भला बुरा और संकल्प करता हैं तभी ईंद्रियां कर्म करती हैं । अत: भगवान तो अंदर बैठे हैं, वो मन में उठे संकल्पों को हीं नोट करतें हैं और उसी के अनुसार फल देतें । 
ये जो हम लोग सोंचतें हैं कि प्राईभेसी हैं । हम जो सोंचतें हैं कोई जान नहीं सकता । 
यह गलत हैं ।

भगवान हमारे अंत:करण में बैठे हैं । ठीक वहीं पर जहां हमारी आत्मा हैं । और मन में किसी के बारे में कुछ भी बिचार आया ,‌नोट कर लिए । और इसी का फल हर मानव को मिलता हैं । कोई प्राईभेसी नहीं चलेगी ।

भगवान सर्वांतर्यामी , सर्वशक्तिमान, सर्वेश्वर , सर्वद्रष्टा , सर्वश्रष्ठा , सर्वसुह्रत , सर्वव्यापक , सर्वसंपन्न , सर्वसुंदर हैं । ऐसे सभी गुण हैं उनके ।
इस प्रकार यह रियलाइज करें की हम शरीर नहीं हैं ।

 ये हम कहतें हैं न कि मेरा शरीर दर्द कर रहा हैं । ' मेरा शरीर ' तो यह" मैं" जो हुं वो आत्मा है । और यह शरीर मुझे मिला है अच्छा संकल्प करके अच्छे कर्म करें । यह शरीर मिला है भगवान को , उनके प्रेम को पाने के लिए ।

अत: अपने आत्मा और भगवान श्रीकृष्ण पर पूर्ण निष्ठा , श्रध्दा , और विश्वास के साथ हम प्रति पल यह सोंचें कि वो भगवान हमारे ह्रदय में हैं । ये हम क्या कर रहें हैं , गंदी बात सोंच रहें हैं ,‌वो नोट कर लेंगें । तो हम कुछ दिन की प्रैक्टिस से सुधर जाऐंगे और इस प्रकार हमारा ट्रासंफौरमेशन हो जाएगा ।
और हम एक भला मनुष्य बन जाऐंगें।
श्री राधे ।

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