तब पंडित जी हंसने लगे , क्रोध शांत हो गया उनका । श्री राधे । वो वोले राधा रानी का चरण दर्शन साल में एक बार हीं दर्शकों को होता है , इसलिए वोला था ,अब उनकी जैसी इच्छा ।
एक बार बरसाना धाम में राधा रानी के दरवार में 2017 में दर्शन के लिए गए । प्रसाद पाने के लिए बहुत भीड़ देखकर थक कर उनके महल में बैठ गया , उस दिन बहुत पैदल चलना पड़ा था मुझे धाम में। और आंखों में अपने आप हीं आंसु बहने लगे , मुझे बहुत भीड़ अच्छा नहीं लगता है , मन हीं मन सोच रहा था कि राधा रानी तो मेरी भी मां हैं । अगर वो प्रसाद देना हीं चाहेंगी तो मुझे प्रसाद जरूर मिल जाएगा ।
कुछ समय में देखता हुं भीड़ कम हो गई और मां के बगल में खड़े एक पंडित मुझे बुला रहे हैं । पहले तो नहीं समझा मैं , पर वो आवाज़ देकर हाथ के इशारे से वोले की तुमको हीं बुला रहा हुं । मैं गया उनके पास , वो मेरे सिर को हाथ से दवा कर राधारानी के चरण में झुका दिए और उनका एक माला मेरे सिर में डाल दिय और हाथों में ढ़ेर सारा प्रसाद डाल दिए । श्री राधे ।- आपका संजीव
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