Friday, 2 April 2021

तुम बिनु जिया नाही लागे ,साँवरे .....

तुम बिनु जिया नाही लागे ,साँवरे .....
अब तो तरस खाओ ,साँवरे 
तुम बिनु जिया नाही लागे ,साँवरे ......

जनम जनम मैं बिरथा गामायों 
कबहुँ न पायो चैन रे 
अब तो दरस दे दो , साँवरे .....
तुम बिनु जिया नाही लागे ,साँवरे .......

कित मैं जाँऊ , का से गांऊ ........
सुर ना सजे अब ,साँवरे .........
तुम बिनु जिया नाही लागे ,साँवरे ....

दिन रैन बित्यो युग युग बित्यो 
पलहुँ न पायो चैन रे 
तुम बिनु जिया नही लागे ,साँवरे .....

धन्य ' कृपालु ' पायो गुरु रुप सो 
लै के बतायो तेरो नाम रे 
तुम बिनु जिया नाही लागे , साँवरे ...

कलि-काल का कौन भरोषो 
किस दिन निकसत प्राण रे 
अब तो तरस खाओ साँवरे 
तुम बिनु जिया नाही लागे , साँवरे ......
तुम बिनु जिया नाही लागे , साँवरे .......

( संजीव )

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