Thursday, 20 July 2023

आजकल कलयुग में समझाने वाले अधिक है समझने वाले कम।अपने मन की , अपने दिल कि बात करने वाले अधिक मिलते हैं , दुसरे कि सुनने वाले बहुत कम ।

आजकल कलयुग में समझाने वाले अधिक है समझने वाले कम।
अपने मन की , अपने दिल कि बात करने वाले अधिक मिलते हैं , दुसरे कि सुनने वाले बहुत कम ।

मसविरा देने वाले अधिक मिलते हैं , उस मसविरे को खुद के जीवन में लागु करने वाले बहुत कम। 

जरूरत पर काम साधने वाले अधिक मिलते हैं वक्त पर काम आने वाले कम । 

चरित्र कि बात करने वाले अधिक मिलते हैं , चरित्रवान बहुत कम ।

ईमानदारी का पाठ पढ़ाने वाले अधिक मिलते हैं , ईमानदार बहुत कम । 

काम बिगाड़ने वाले बहुत मिलते हैं, बनाने वाले बहुत कम ।

गुमराह करने वाले अधिक मिलेंगे , सही मार्ग दिखाने वाले कम ।

हतोत्साहित करने करने वाले अधिक मिलेंगे , उत्साहित करने वाले कम ।

टांग खेंचने वाले अधिक मिलेंगे , आगे बढ़ने में सहायता करने वाले कम ।

दिल जले अधिक मिलेंगे , दिल सगे बहुत कम । 

देश भक्ति का पाठ पढ़ाने वाले अधिक मिलते हैं , देश भक्त बहुत हीं कम ।

मंदीर मस्जिद गुरूद्वारा गुरूधाम गिरजाघर तीर्थ में भीड़ अधिक मिलते हैं भक्त बहुत कम ।

बड़ी बड़ी बातें करने वाला बहुत है लेकिन बड़ा काम करने वाले बहुत कम ।

शर्म भी नहीं आती । इसलिए इनका परवाह न करें , आगे बढ़ते रहें , भज गोविंदम्, भज गोविंदम् , भज गोविंदम्। 
पहले स्वयं को बनाएं फिर दुसरे को समझाएं । श्री राधे ।:- संजीव कुमार

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