उत्तर :- तुमको क्या करना है ? जलन उसको हो रहा है , वो अपने जलन के आग में खुद को जला रहा है बेचारा तो जलने दो उसे । नुकसान तो वो अपना कर रहा है । तुम्हारा क्या नुकसान हो रहा है ? तुम तो gain कर रही हो और वो अपना पिछला बचा खुचा पुण्य को जला रहा है , उसके पुण्यों का क्षय हो रहा है । वो अपनी आत्म शक्ति को नष्ट कर रहा है। अगर कोई ईर्ष्या द्वेष के आग में जल रहा है तो जलने दो उसे । उसके संस्कार अच्छे नहीं हैं, इसलिए वो अपने कुसंस्कारों का प्रदर्शन कर रहा है बेचारा ।
अगर कोई व्यंग करता है तो दया के भाव से उसे देख कर नजरंदाज कर दो ।
समझ में आ जाएगा अगर उसका सुसंस्कार जागृत हो जाए कहीं तो, नहीं तो जल कर वो अपना हीं भारी नुक्सान कर लेगा ।
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