Thursday, 20 July 2023

किसी के द्वारा ईर्ष्या द्वेष जलन आदि करने पर क्या करें ?

प्रश्न :- मां कुछ लोग हमारे संसारिक उपलब्धि यहां तक कि अध्यात्मिक उपलब्धि से भी जलते हैं, व्यंग करते हैं कि आजकल बहुत राधे राधे करती रहती है , सत्संग में जाती है आदि आदि ऐसे में क्या करें ? 

उत्तर :- तुमको क्या करना है ? जलन उसको हो रहा है , वो अपने जलन के आग में खुद को जला रहा है बेचारा तो जलने दो उसे । नुकसान तो वो अपना कर रहा है । तुम्हारा क्या नुकसान हो रहा है ? तुम तो gain कर रही हो और वो अपना पिछला बचा खुचा पुण्य को जला रहा है , उसके पुण्यों का क्षय हो रहा है । वो अपनी आत्म शक्ति को नष्ट कर रहा है। अगर कोई ईर्ष्या द्वेष के आग में जल रहा है तो जलने दो उसे । उसके संस्कार अच्छे नहीं हैं, इसलिए वो अपने कुसंस्कारों का प्रदर्शन कर रहा है बेचारा । 

अगर कोई व्यंग करता है तो दया के भाव से उसे देख कर नजरंदाज कर दो ।‌
समझ में आ जाएगा अगर उसका सुसंस्कार जागृत हो जाए कहीं तो, नहीं तो जल कर वो अपना हीं भारी नुक्सान कर लेगा । 
तुमको कुछ नहीं करना है और न कोई प्रतिक्रिया देनी है । तुम्हें अपना ध्यान अपने काम में लगाना चाहिए । तुमको Distract होने की कोई आवश्यकता नहीं है :- पुज्यनियां रासेश्वरी देवी जी ( युवा शिविर- ब्रजगोपिका धाम )।

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